






*
*संतुष्ट जीवन*
*संतुष्ट जीवन* *सफल जीवन से*
*सदैव श्रेष्ठ होता है*
*क्योंकि*
*सफलता का आंकलन सदैव*
*दूसरों के द्वारा होता है*
*जबकि संतुष्टि*
*स्वयं के मन और मस्तिष्क*
*द्वारा होती है।*
*शुभ प्रभात*








*रास्ते पर गति की सीमा है ।*
*बैंक में पैसों की सीमा है।*
*परीक्षा में समय की सीमा है ।*
*परन्तु हमारी सोंच की कोई सीमा नहीं है।*
*इसलिए सदा श्रेष्ठ सोचें और श्रेष्ठ पाएं।*
*शुभ प्रभात*







*देश में "राजा"* *समाज में "गुरु"*
*परिवार में "पिता"* *घर में "स्त्री"*
*जीवन मे दोस्त
*
**ये कभी "साधारण" नहीं होते*
*क्योंकि*
*निर्माण और प्रलय*
*इन्हीं के "हाथ" में होता है !*
*शुभ प्रभात* 
: 















*वर्षा ऋतु के प्रारंभ में कोयलें*
*चुप हो जाती है,*
*क्योंकि बोलने वाले*
*जहाँ मेंढक हो*
*वहाँ चुप रहना ही*
*शोभा देता है।*
*
सुप्रभात*
सुप्रभात*





: 















बहुत मुश्किल नहीं , ज़िंदगी की
सच्चाई समझना,
जिस तराज़ू पर दूसरों को तौल
के देखते हो,
उस पर कभी ख़ुद बैठ के देखो
हर किसी पर यकीन ना करें
क्योंकि 'नमक और शक्कर' का
रंग एक जैसा होता है
सुप्रभातम् 
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