*क्रोध आता नहीं आप करते हैं ..... आप करना छोड़ दीजिए, तो क्रोध आना बंद हो जाएगा ।*
*इसका सबसे बड़ा उपाय है कि आप हर परिस्थिति में अनुकूल रहने का प्रयास कीजिए ।*
*जब भी आप को लगे कि आप के इच्छानुसार कार्य नहीं हुआ और आप का धैर्य जवाब देने लगा .... यानी कि जब भी आपको लगे कि अब मेरा गुस्सा बढेगा और क्रोध विकराल रूप धारण करने वाला है, तो बस ..*
*अपने इष्ट देव को स्मरण करें और यह विचार करें कि भगवान् श्रीकृष्ण आपकी परीक्षा ले रहे है. . और अगर आप उस समय क्रोधित हो गये तो समझिए कि आप परीक्षा में असफल हो गये।*
*इसलिए, मन ही मन मुस्कुराइए और क्रोध के समय...*
*Զเधॆ Զเधॆ*

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