Wednesday, February 8, 2023

 *_कुदरत का कहर भी जरूरी था साहब, वरना हर कोई खुद को खुदा समझ रहा था_* 


*_जो कहते थे कि मरने तक की फुरसत नहीं है, वे आज मरने के डर से फुरसत में बैठे हैं_*

*_माटी का संसार है खेल सके तो खेल, बाजी रब के हाथ है पूरा विज्ञान फेल....!!_* 

*_मशरूफ थे सारे अपनी जिंदगी की उलझनों में, जरा सी जमीन क्या खिसकी कि सबको ईश्वर याद आ गया_* 

*_ऐसा भी आएगा वक्त पता नहीं था, इंसान डरेगा इंसान से ही पता नहीं था_*
   *_Take Care & Happy Morning_*          
                  💐🌹

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